Kotdwar News: अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद का वार्षिक अधिवेशन, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी ने की शिरकत

संवाददाता – नितिन कुमार

कोटद्वार । अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद (उत्तराखंड प्रांत) का वार्षिक प्रांतीय अधिवेशन रविवार को कोटद्वार स्थित कल्पनानगरी में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

​समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि ऋतु खण्डूडी भूषण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके पश्चात उन्होंने मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूडी एवं संस्था के पूर्व अध्यक्ष कमांडर जैसवाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने देश की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों व पूर्व सैनिकों के अप्रतिम योगदान को याद किया।

​पूर्व सैनिकों का अनुशासन समाज के लिए प्रेरणास्रोत: विस अध्यक्ष

समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि भारतीय सेना के पराक्रमी जवानों ने न केवल सीमा सुरक्षा बल्कि आपदा प्रबंधन और राष्ट्र निर्माण में भी अभूतपूर्व योगदान दिया है। पूर्व सैनिक समाज के सच्चे मार्गदर्शक और हमारी प्रेरणा के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के अधिकारों, कल्याण और सम्मान की रक्षा के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर हरसंभव सहयोग निरंतर जारी रहेगा।

​कल्याणकारी योजनाओं व संगठन विस्तार पर हुआ मंथन

अधिवेशन के दौरान पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं, लंबित मांगों, उनके कल्याण और परिवारों से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही परिषद की आगामी कार्ययोजना, उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में संगठन को सशक्त करने और सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की रणनीति तैयार की गई।

​ये वरिष्ठ अधिकारी व पदाधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेजर जनरल (डॉ.) आर. के. गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, मेजर मलवीर सिंह रावत, जिला अध्यक्ष सूबेदार कुलदीप सिंह रावत, ग्रुप कैप्टन हुसवंत सिंह, विंग कमांडर डी. ओबराय, सूबेदार सतीश जोशी, कैप्टन डी. धुलिया, लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश देवरानी, समर कमांडर रेवानी, नायक गोपाल कृष्ण, सूबेदार गोपाल दत्त जरमोला तथा राजेश बड़थवाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, उनके परिजन एवं संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें