सुनील रावत अध्यक्ष, साधना अग्रवाल सचिव और प्रेम प्रजापति बने मीडिया प्रभारी

संवाददाता – नितिन कुमार
कोटद्वार। नगर में श्री रामलीला के भव्य आयोजन को लेकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामलीला कमेटी का गठन किया गया है। 18 सितंबर को महाराजा वेडिंग पॉइंट में आयोजित बैठक में रामलीला के वरिष्ठ एवं अनुभवी कलाकार पंकज अग्रवाल की मौजूदगी में नई कमेटी की कार्यकारिणी की घोषणा की गई।

कमेटी के मीडिया प्रभारी प्रेम प्रजापति ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से सुनील रावत को अध्यक्ष, साधना अग्रवाल को सचिव, दिनेश शर्मा को कोषाध्यक्ष तथा प्रेम प्रजापति को मीडिया प्रभारी चुना गया। इसके साथ ही सौरभ मिश्रा, जय प्रकाश केस्टवाल को स्टेज डायरेक्टर, जगदीश फुलारा, दिनेश रावत, कमल आर्य, राधेश्याम शर्मा को मंच संचालक तथा संदीप वर्मा सहित अन्य सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

कार्यकारिणी का भी विस्तार
कमेटी के विस्तार के तहत धर्मवीर गोसाई, विकास मित्तल, नीरज गुप्ता, विजय अग्रवाल, विश्वास अग्रवाल, ज्योति चौधरी, दीपक भट्ट, दिनेश तड़ियाल, कुसुम मांगिया, विपिन डोबरियाल, अर्चना शर्मा, संगीता रावत, गौरव जख्मोला, गणेश डबराल, हीरा भंडारी, सुरेश अग्रवाल, आयुष पंत, नितिन अग्रवाल, दीपक कपटियाल, वीरेंद्र गार्गी, संजीव गर्ग, अरविंद वर्मा, कृष्ण मोहन सती, विशाल कुमार, अनिल नेगी, अंशु मांगिया, पंकज अग्रवाल, अनिल नेगी हरिद्वार, संजय शर्मा, अमित अग्रवाल, अमित थपलियाल, जितेंद्र बेबनी, जीवन जैन, राकेश अग्रवाल, रवि गौड़, दीपक कुमार, आरेश कुमार, राजू छाबड़ा, शिरीष कुमार, संजय गौड़, आयुष अग्रवाल, विशाल सैनी, अनिल खंतवाल, नीतीश गुप्ता, दिनेश बॉन्ठयाल, वरुण कश्यप और जितेंद्र रावत (जीतू भाई) को सम्मानित सदस्य मनोनीत किया गया।
23 सितंबर से शुरू होगा रामलीला मंचन
कमेटी के पदाधिकारियों के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामलीला का मंचन 23 सितंबर से महाराजा वेडिंग पॉइंट, कोटद्वार में शुरू होगा। रामलीला का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा।
वहीं, 26 सितंबर को नगर क्षेत्र में श्री राम बारात की भव्य शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली जाएगी। इसके अलावा 7 अक्टूबर की शाम माता की चौकी का आयोजन किया जाएगा। 8 अक्टूबर को दिन से प्रभु इच्छा तक भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
कमेटी पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से रामलीला के आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं मर्यादा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।









