मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन पर कार्यशाला, 35 वनकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण

 

संवाददाता – नितिन कुमार

लैंसडाउन। कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग, लैंसडाउन की अदनाला रेंज के अंतर्गत रथुवाढाब स्थित वन विश्राम भवन में मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

23 से 24 सितंबर 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न रेंजों से आए वनकर्मियों एवं अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का आयोजन उप वन संरक्षक श्री तरुण एस. के दिशा-निर्देशन में किया गया।

वनकर्मियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन की जानकारी

 

कार्यशाला के शुभारंभ पर अदनाला रेंज की वन क्षेत्राधिकारी रूपा रानी ने विभिन्न रेंजों से पहुंचे वनकर्मियों और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारियों का स्वागत किया।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वी.एस. तोमर ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद वरिष्ठ समन्वयक डॉ. बोप्पना ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारणों, पारिस्थितिकी तंत्र में बाघ की भूमिका और वन्यजीवों के व्यवहार की पहचान से संबंधित जानकारी दी।

 

ड्रोन तकनीक और ग्रामीणों की भागीदारी पर जोर

 

डॉ. बोप्पना ने बताया कि ड्रोन जैसी नई तकनीकों का उपयोग मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम में किया जा सकता है। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित कर संघर्ष से उत्पन्न समस्याओं को कम करने पर भी जोर दिया गया।

कार्यशाला के दौरान वनकर्मियों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की।

 

35 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

 

कार्यशाला में प्लेन, अदनाला, मैदावन और मंडल रेंज सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वनकर्मियों एवं अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कुल 35 प्रतिभागियों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया।

 

कार्यशाला का संपूर्ण आयोजन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा किया गया।

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