
ब्यूरो रिपोर्ट
पिथौरागढ़ (धारचूला): सीमांत तहसील धारचूला के कुलागाड़ में बेली ब्रिज दोबारा बहने से दारमा, व्यास और चौदास घाटियों की सड़क कनेक्टिविटी पूरी तरह ठप हो गई है। वाहनों की आवाजाही बंद होने से सीमांत क्षेत्र में गंभीर आवाजाही संकट खड़ा हो गया है। हालात को देखते हुए भारतीय सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला और नाले में सीढ़ियां लगाकर ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक पैदल रास्ता तैयार कर दिया है, जिससे शनिवार दोपहर से पैदल आवाजाही शुरू हो सकी।

सेना ने संभाली कमान, बीआरओ दो से चार दिन में शुरू करेगा काम
पुल टूटने की सूचना मिलते ही बीआरओ कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह, एसडीएम आशीष जोशी और तहसीलदार दमन शेखर राणा ने प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम आशीष जोशी के अनुसार, बीआरओ ने दो से चार दिन के भीतर नए बेली ब्रिज का निर्माण शुरू करने का भरोसा दिया है। हालांकि, नया पुल बनने तक सीमांत ग्रामीणों और यात्रियों की दुश्वारियां बनी रहेंगी।

तीन सप्ताह में दूसरी बार बहा पुल
गौरतलब है कि 19 अगस्त को भी कुलागाड़ का बेली ब्रिज बह गया था। बीआरओ ने कड़ी मशक्कत के बाद 4 सितंबर को यातायात बहाल किया था, लेकिन महज एक सप्ताह बाद ही नाले के तेज बहाव में पुल दोबारा बह गया। बार-बार पुल टूटने से सीमांत क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

आदि कैलाश यात्रा मार्ग भी ठप
एक तरफ कुलागाड़ में पुल टूटने से तीनों घाटियां अलग-थलग पड़ गई हैं, वहीं दूसरी तरफ आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर मलघाट और गस्कू के पास भारी मलबा आने से सड़क मार्ग पूरी तरह बंद है। मार्ग बाधित होने के कारण सड़क के दोनों ओर दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं। फिलहाल बीआरओ की टीम मलबे को हटाकर रास्ता साफ करने के प्रयास में जुटी है।









