ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक वैभव से कराया परिचित; तीन महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट कर प्रदेश की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने पर दिया जोर
नई दिल्ली/देहरादून। संवाददाता :- नितिन कुमार
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने रविवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राम माधव को उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा विभिन्न समसामयिक विषयों पर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

शिष्टाचार भेंट के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं, ऐतिहासिक एवं पौराणिक विरासत, धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं और प्राकृतिक वैभव के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की लोकपरंपराएं, ऐतिहासिक स्थल, लोककलाएं, धार्मिक आस्थाएं और समृद्ध जैव विविधता प्रदेश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं।

राम माधव को भेंट की उत्तराखंड की विरासत से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण पुस्तकें
इस अवसर पर ऋतु खण्डूडी भूषण ने राम माधव को उत्तराखंड की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासत को दर्शाने वाली तीन महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट कीं। इनमें ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’, ‘Vibrant Birds of Kotdwar’ तथा उत्तराखंड की प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनाट्य कला ‘रम्माण’ पर आधारित पुस्तक शामिल रही।

उन्होंने ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक के माध्यम से कोटद्वार स्थित कण्वाश्रम के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व तथा भारतवर्ष की सांस्कृतिक चेतना से जुड़े इसके संदर्भों को साझा किया। यह पुस्तक हाल ही में कला एवं कॉफी टेबल बुक श्रेणी में देशभर में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। इस उपलब्धि को कोटद्वार की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

‘Vibrant Birds of Kotdwar’ में दिखाई देती है कोटद्वार की प्राकृतिक संपदा
विधानसभा अध्यक्ष ने ‘Vibrant Birds of Kotdwar’ पुस्तक भी भेंट की। यह पुस्तक कोटद्वार क्षेत्र की समृद्ध पक्षी संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को सामने लाती है। इसके माध्यम से कोटद्वार की प्राकृतिक धरोहर और पर्यावरणीय महत्व को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।

इसके साथ ही उत्तराखंड की विश्वविख्यात लोकनाट्य परंपरा ‘रम्माण’ पर आधारित पुस्तक भी भेंट की गई। यह पुस्तक प्रदेश की पारंपरिक लोककलाओं, लोकविश्वासों और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की विशिष्टता को दर्शाती है।
“विरासत का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ेगा”
ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि उत्तराखंड की लोकपरंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों, पारंपरिक कलाओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की इन विशिष्टताओं को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी जड़ों और विरासत से जुड़ सकेंगी।
उन्होंने कहा कि कोटद्वार क्षेत्र ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। कण्वाश्रम जैसी ऐतिहासिक धरोहर, क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और उत्तराखंड की विशिष्ट लोककलाएं प्रदेश की विविधतापूर्ण विरासत को दर्शाती हैं।
उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर हुई चर्चा
भेंट के दौरान कोटद्वार एवं उत्तराखंड प्रदेश से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर प्रचारित किए जाने से जुड़े विषयों को भी सामने रखा।
तरुण चुग से भी की शिष्टाचार भेंट
इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग से भी शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच उत्तराखंड सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।
नई दिल्ली में हुई इन मुलाकातों के दौरान उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान, प्राकृतिक संपदा और समसामयिक विकास से जुड़े विषयों को प्रमुखता से सामने रखा गया।








